अब न प्यार रहेगा, न कोई दर्द, बस तन्हाई ही तन्हाई होगी।
और तुम मुस्कुरा कर कह गए सब ठीक हो जाएगा।
तेरी खामोशी भी टूट जाती है मेरी खामोशी में।
अब तुम्हारे बिना रातें भी बड़ी बेमानी सी लगती हैं…!!!
वो कहता था कि मैं ज़रूरी हूँ उसे, फिर क्यों आज वो किसी और का हो गया?
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
तू मेरे बिना खुश है तो मैं भी खुश हूँ, बस एक दर्द है कि अब मैं तेरी यादों में कैद हूँ।
अब हर रोज़ यही सोचते हैं कि काश तुम्हें रोक सकते…!!!
कभी प्यार जताया था, कभी दर्द दिया, अब तेरा नाम भी Sad Shayari मेरी यादों से मिट गया।
क्या सच में तुमसे बिछड़कर जीने का कोई तरीका है?
लेकिन तुम्हारे बिना जीने का तरीका अब बहुत मुश्किल हो गया है…!!!
तेरी मोहब्बत अधूरी रही, पर मेरा प्यार पूरा था।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
अब तो डर लगता है मोहब्बत करने से, क्योंकि जिसे दिल दिया, उसने ही दर्द दिया।